← सभी मंत्र

गायत्री मंत्र — अर्थ और लाभ

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्
Om Bhur Bhuvah Svah Tat Savitur Varenyam Bhargo Devasya Dhimahi Dhiyo Yo Nah Prachodayat

अर्थ

मंत्रों की मुकुटमणि। सूर्य के तेज की स्तुति। हमारी बुद्धि उसी से प्रकाशित हो।

जप संख्या
108
श्रेष्ठ समय
सूर्योदय/मध्याह्न/सूर्यास्त

लाभ

बुद्धि को प्रकाशित करता है, विचारों को शुद्ध करता है, और स्वास्थ्य, ज्ञान व आध्यात्मिक विकास सहित जीवन के हर पहलू के लिए लाभकारी माना जाता है।

महत्व

वेदों की जननी कहा जाने वाला गायत्री मंत्र, सूर्य देवता सविता को समर्पित सबसे प्राचीन व सर्वाधिक जपे जाने वाले वैदिक मंत्रों में से एक है।

📱 मुफ़्त ज्योतिष ऐप