नक्षत्र क्या हैं?
राशि चक्र अश्विनी से रेवती तक 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बँटा है। हर नक्षत्र के 3°20′ के चार चरण, एक स्वामी ग्रह और एक देवता होते हैं। जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में था, वही आपका जन्म नक्षत्र है।
जन्म नक्षत्र क्यों ज़रूरी है?
विंशोत्तरी पद्धति में पहली दशा आपका नक्षत्र तय करता है; विवाह मिलान, तारा बल, नामकरण, मुहूर्त और दैनिक फल — सबका आधार यही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अपना नक्षत्र कैसे जानें?
मुफ़्त कुंडली में जन्म तिथि, समय और स्थान डालें — रिपोर्ट में आपका नक्षत्र और चरण दिख जाएगा।
नक्षत्रों के स्वामी ग्रह कौन हैं?
विंशोत्तरी क्रम में: केतु, शुक्र, सूर्य, चंद्र, मंगल, राहु, गुरु, शनि और बुध — हर ग्रह तीन नक्षत्रों का स्वामी है; क्रम अश्विनी, भरणी, कृत्तिका से शुरू होता है।
आज का नक्षत्र कौन सा है?
इस पेज की तालिका में आज चंद्रमा जिस नक्षत्र में गोचर कर रहा है, उसे हाइलाइट किया जाता है।