हर देवता और ग्रह के मंत्र
इस संग्रह में गणेश, शिव, कार्तिकेय, कृष्ण, राम, लक्ष्मी, सरस्वती, दुर्गा और हनुमान के मंत्रों के साथ गायत्री, महामृत्युंजय और नवग्रह मंत्र भी हैं। हर पेज पर मंत्र, उसका अर्थ, लाभ और जाप का सही समय दिया गया है।
मंत्र जाप कैसे करें?
स्नान के बाद पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके बैठें, संभव हो तो दीपक जलाएं और स्पष्ट उच्चारण के साथ धीरे-धीरे जाप करें। परंपरा से 9, 27, 54 या 108 बार माला पर गिनकर जाप किया जाता है; संख्या से ज़्यादा रोज़ की नियमितता ज़रूरी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या कोई भी ये मंत्र जप सकता है?
हाँ। ये व्यापक रूप से जपे जाने वाले भक्ति मंत्र हैं; श्रद्धा और सही उच्चारण के साथ जाप करें।
जाप का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
ब्रह्म मुहूर्त (सुबह जल्दी) और संध्या काल परंपरा से श्रेष्ठ माने जाते हैं; हर मंत्र पेज पर उस देवता के लिए सही समय दिया है।
क्या शुरू करने के लिए गुरु ज़रूरी है?
सामान्य भक्ति जाप के लिए दीक्षा ज़रूरी नहीं। कुछ तांत्रिक या बीज मंत्र परंपरा से गुरु से लिए जाते हैं।